रुस ने किया यूक्रेन पर सबसे घातक मिसाइल से हमला
मास्को । यूक्रेन ने दावा किया है कि रुस ने अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक मिसाइल जिरकॉन से उस पर हमला किया है। इस मिसाइल ने 11 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से यूक्रेनी टारगेट पर सटीक निशाना लगाया।
रूस ने अपनी सबसे घातक मिसाइलों में से एक जिरकॉन से यूक्रेन के किसी ठिकाने पर हमला किया। दो साल से चल रही जंग में पहली बार रूस ने अपनी इस हाइपरसोनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है। कुछ महीनों पहले रूस ने इस मिसाइल का सफल परीक्षण भी किया था। जिसमें इस मिसाइल को एक जंगी जहाज से दागा जा रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तब कहा था कि ये दुनिया की सबसे खतरनाक क्रूज मिसाइल है।
1 सेकेंड में 3.1 किलोमीटर करती है, कवर
जिरॉकन आवाज की गति से 9 गुना ज्यादा स्पीड में टारगेट की तरफ बढ़ती है। यानी जिरकॉन एक घंटे में 11 हजार किलोमीटर की स्पीड से चलती है। इसकी लंबाई 30 फीट है। व्यास 24 इंच है। अधिकतम रेंज 1500 किलोमीटर है। इसमें परमाणु हथियार लगा सकते है। इसमें स्क्रैमजेट इंजन लगा है।
जिरकॉन मिसाइल को वर्तमान मिसाइल डिफेंस टेक्नोलॉजी इंटरसेप्ट नहीं कर सकती। यानी हवा में मारकर गिरा नहीं पाएगी। यह किसी भी रडार के पकड़ में नहीं आएगी। मिसाइल समुद्र के ऊपर कम ऊंचाई में उड़ते हुए दुश्मन और उसके अत्याधुनिक तकनीकों को धोखा देने में सक्षम है।
हाइपरसोनिक मिसाइल अमेरिका, रूस और चीन के पास हैं। कहा जाता है कि उत्तर कोरिया भी ऐसी मिसाइल विकसित करने में लगा है। जो धरती से अंतरिक्ष या धरती से धरती के दूसरे हिस्से में सटीकता से मार कर सकते हैं। वैसे भारत भी ऐसी मिसाइल को विकसित करने में जुटा हुआ है। लेकिन इसके बारे में अभी शुरुआती प्रयास किए जा रहे हैं।
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चौहान से मुलाकात कर जाना स्वास्थ्य का हाल
प्रदेश में विकास को बनाया गया है राष्ट्रनिर्माण का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को दिया जाएगा उद्योग का दर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
नासा ने टाल दिया अपना मून मिशन, अब मार्च में नहीं होगी लॉन्चिंग, जानिए क्या है वजह ?
अब सिर्फ 55 मिनट में पहुंचेंगे दिल्ली, PM मोदी ने मेरठ मेट्रो और नमो भारत को दिखाई हरी झंडी
भारत-ब्राजील ट्रेड डील: 2030 तक 30 अरब डॉलर का लक्ष्य, चीन पर निर्भरता कम होगी..
दिल्ली हाई अलर्ट पर: आतंकी साजिश की आशंका, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक इलाकों की सुरक्षा कड़ी