प्रयागराज एयरपोर्ट को महाकुंभ के लिए मिला इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा
प्रयागराज। महाकुंभ के लिए प्रयागराज डोमेस्टिक एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट का दर्जा मिल गया है। एयरपोर्ट को यह स्टेटस केवल कुंभ के दौरान ही रहेगा। इसके बाद यह फिर से डोमेस्टिक एयरपोर्ट हो जाएगा। इंटरनेशनल दर्जा मिलने के बाद यहां से भूटान के लिए पहला इंटरनेशनल टेक ऑफ बुधवार को हुआ।
मीडिया रिपोर्ट में एक अधिकारी ने बताया कि प्रयागराज एयरपोर्ट को इंटरनेशनल दर्जा मिलने के मामले में अभी कुछ औपचारिकताएं पूरा होना बाकी है। इस बीच यहां से इंटरनेशनल फ्लाइट मूवमेंट शुरू करने को ग्रीन सिग्नल दे दिया गया है। इसके लिए एयरपोर्ट के एक हिस्से में इमिग्रेशन और कस्टम क्लीयरेंस काउंटर लगाए गए हैं। जहां विदेशों से आने वाले वीवीआईपी और विदेशी मेहमानों के लिए अलग से प्रोटोकॉल अफसर बैठाए गए हैं।
अधिकारी का कहना है कि यहां वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट लैंड नहीं कर सकेंगे। इसका बड़ा कारण यहां का 2500 मीटर लंबा छोटा रनवे है, लेकिन नेरो बॉडी एयरक्राफ्ट के लिए यहां पूरी व्यवस्था है। यहीं नहीं महाकुंभ शुरू होने से पहले यहां चार एयरक्राफ्ट की पार्किंग थी, जिसे बढ़ाकर 15 कर दी गई है। देश में कई शहरों से फ्लाइट मूवमेंट भी बढ़ गया है। फ्लाइट मूवमेंट बढ़ाने के लिए दो टैक्सी-वे भी बनाए गए हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि यहां सस्ती चाय-कॉफी की सुविधा मुहैया कराने के लिए उड़ान यात्री कैफे भी खोला गया है। इसमें 10 से 25 रुपए के बीच चाय, कॉफी, समोसा और एमआरपी पर पानी की बोतल बेची जा रही है। कोलकाता एयरपोर्ट की तरह ही केवल यात्री ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (21 मार्च 2026)
तोषगांव प्री मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास में छात्राओं को सुरक्षित आवास के साथ मिल रहा सकारात्मक वातावरण
बस्तर हेरिटेज मैराथन में दौड़ेंगे सुकमा के 30 पुनर्वासित युवा
सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुरक्षा कारणों से इंडियन एयरलाइंस को मिली उड़ान संबंधी नई सलाह
छोटी-सी आर्थिक सहायता भारती के लिए बनी बहुत बड़ा सहारा
अबुझमाड़िया युवाओं ने अनुभव की लोकतंत्र की कार्यप्रणाली
पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति, पांच देशों के नेताओं को किया फोन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जयपुर में उद्योग जगत के साथ औद्योगिक निवेश पर करेंगे संवाद
आनंद एक ऐसी सुखानुभूति है, जो अर्थ क्रय से नहीं, अंतस से होती है अनुभूत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव