चंडीगढ़ में हाई अलर्ट, बम ब्लास्ट की धमकी के बाद जांच तेज
चंडीगढ़: चंडीगढ़ के कई नामचीन स्कूलों को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। पिछले कुछ मामलों की तरह ही इस बार भी यह सनसनीखेज धमकी इलेक्ट्रॉनिक मेल (ईमेल) के जरिए भेजी गई है। जिन शिक्षण संस्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है, उनमें प्रमुख रूप से चितकारा स्कूल, स्ट्रॉबेरी फील्ड्स स्कूल और दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) शामिल हैं। जैसे ही स्कूलों को यह धमकी भरा संदेश मिला, तुरंत स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड), डॉग स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं। सभी प्रभावित स्कूलों को खाली कराकर सुरक्षाबलों द्वारा बेहद सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
धमकी भरे ईमेल में हरियाणा के मुख्यमंत्री और रेलवे ट्रैक का जिक्र
इस बार आई धमकी का दायरा सिर्फ स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का नाम भी शामिल किया गया है। ईमेल भेजने वाले ने बकायदा समय तय करते हुए लिखा है कि दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर स्कूलों में और दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर मुख्यमंत्री सैनी के कार्यालय (ऑफिस) में जोरदार धमाके किए जाएंगे। इसके अलावा पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि आने वाली 6 जून तक अंबाला से दिल्ली के बीच के रेलवे ट्रैक को भी बम से उड़ा दिया जाएगा, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।
खालिस्तान बनाने की साजिश और जांच में जुटी साइबर सेल
भेजे गए ईमेल में चंडीगढ़ को खालिस्तान बनाने की कथित साजिश का हवाला दिया गया है। हालांकि, संदेश में यह भी लिखा गया है कि उनका मासूम बच्चों से कोई व्यक्तिगत बैर या दुश्मनी नहीं है। इस ईमेल के सबसे नीचे 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' लिखा हुआ है और अंत में उसी शख्स का नाम दर्ज है जिसके नाम से पहले भी इस तरह के धमकी भरे संदेश भेजे जा चुके हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उस आईपी एड्रेस और ईमेल आईडी की जांच की जा रही है जिससे यह संदेश भेजा गया था। पुलिस की साइबर सेल टीम आरोपी की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने जनता को ढांढस बंधाते हुए कहा कि पहले भी कई बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं जो सिर्फ अफवाह साबित हुईं और जांच में कहीं भी कोई विस्फोटक नहीं मिला था।
बार-बार मिलती धमकियों से अभिभावकों और आम जनता में भारी चिंता
चंडीगढ़ के स्कूलों और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों को लगातार मिलने वाली इस तरह की धमकियों ने अब आम जनता और खासकर बच्चों के माता-पिता (अभिभावकों) की रातों की नींद उड़ा दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी है कि बम मिलने की अफवाहें अब रोजमर्रा की बात बनती जा रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। शहर के नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा के इस गंभीर मसले पर अब चंडीगढ़ प्रशासन और भारत सरकार को मिलकर कोई ठोस नीति बनानी चाहिए और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि बार-बार पैदा होने वाले इस डर के माहौल को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।
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