सब्जियों की भरपूर आवक
बैंगन, टमाटर और लौकी के दाम नहीं मिलने से उत्पादक किसान परेशान
भोपाल । सब्जी मंडियों में इन दिनों चौतरफा आवक हो रही है। लोकल सब्जियों का ज्यादा उत्पादन व आवक होने से उत्पादक किसानों को लौकी, बैंगन और टमाटर के पर्याप्त दाम नहीं मिल रहे हैं। वहीं ठेलों पर सब्जियां बेचने वाले विक्रेता खुश हैं तो आम उपभोक्ता को ज्यादा दाम चुकाना पड़ रहे हैं।
प्रदेश की सबसे बड़ी चोइथराम फल-सब्जी मंडी में महाराष्ट्र-राजस्थान के साथ लोकल सब्जियों की भरपूर आवक हो रही है। लोकल सब्जी उत्पादक किसान पर्याप्त दाम नहीं मिलने से निराश हैं। लोकल सब्जियों का पर्याप्त उत्पादन रहता है तो बाहर से आने वाली सब्जियों को बड़े शहरों की ओर पहुंचना चाहिए, ताकि स्थानीय किसानों को पर्याप्त दाम मिल सकें। मंडी प्रशासन को इस ओर किसान हित में ध्यान देना चाहिए। किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन किसानों के लिए उपयुक्त जगह की व्यवस्था भी नहीं करता, इसलिए कई बार मेहनत की कमाई का माल खराब हो जाता है और मंदी के दौर में यह बड़ी परेशानी रहती है।
थोक में सब्जियों के दाम
बैंगन 2 से 5 रुपए किलो, लौकी 3 से 5 रुपए, टमाटर 3 से 6 रुपए, फूलगोभी 4 से 6 नग, पत्ता गोभी 3 से 6, मैथी 15 से 20 रुपए, पालक 5 से 8 किलो, हरा मटर 25 से 30 रुपए, खीरा ककड़ी 10 से 15 रुपए, गाजर 12 से 15 रुपए, आलू 14 से 16 रुपए, भिंडी 30 से 40 रुपए, गिलकी 12 से 18 रुपए, करेला 18 से 25 रुपए, चतुरफली 50 से 65 रुपए, सुरजना फली 50 से 65 रुपए, चवला फली 10 से 15 रुपए प्रतिकिलो थोक मंडी में दाम चल रहे हैं।
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