आतंकी कारखाने पर दुआ मांगता दिखा हाफिज, मुल्तान में तैयार कर रहा लश्कर का नया शिविर
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के मुल्तान से आई कुछ हालिया तस्वीरों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस्लामाबाद के दावों की पोल खोल दी है। इन तस्वीरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक और मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद सरेआम एक नई इमारत के निर्माण कार्य की शुरुआत करता नजर आ रहा है। यह इमारत लश्कर का नया अड्डा बताई जा रही है, जिसकी नींव खोदने के दौरान हाफिज सईद न केवल वहां मौजूद रहा, बल्कि निर्माण कार्य की सफलता के लिए दुआ मांगते और औपचारिकताओं में शामिल होते हुए भी स्पष्ट रूप से देखा गया।
हाफिज सईद का इस तरह खुलेआम घूमना और आतंकी बुनियादी ढांचे के विस्तार में शामिल होना उन दावों पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है, जिनमें पाकिस्तान अक्सर उसे जेल में होने या उस पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कहता रहा है। हाफिज सईद भारत की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर है और 26/11 के मुंबई आतंकी हमलों के साथ-साथ पुलवामा हमले का भी मुख्य साजिशकर्ता है। कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के संचालन और टेरर फंडिंग के कई मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसे मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया है। भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने भी उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है। अमेरिकी सरकार के रिवॉर्ड्स फॉर जस्टिस कार्यक्रम के तहत हाफिज सईद पर 10 अरब अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित है। वह उस जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख है, जो दक्षिण एशिया की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माने जाते हैं। विडंबना यह है कि एक तरफ पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कर्ज और आर्थिक मदद की गुहार लगाता है, वहीं दूसरी तरफ उसकी जमीन पर फिदायीनों की फौज तैयार करने वाले आतंकियों को सरकारी संरक्षण में नए ठिकाने बनाने की खुली छूट दी जा रही है।
मुल्तान से आई ये तस्वीरें पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी हैं कि पाकिस्तान में आतंक की फैक्ट्री आज भी बदस्तूर जारी है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे दुर्दांत आतंकियों की सार्वजनिक मौजूदगी और निर्माण कार्यों में उनकी भागीदारी यह दर्शाती है कि पाकिस्तान की नीति सेलेक्टिव जीरो टॉलरेंस की है, जहां वह अपनी सुविधा के अनुसार आतंकियों को पालने का काम करता है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और विशेषकर अमेरिका, जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करता है, पाकिस्तान की इस खुली उकसावे वाली कार्रवाई पर क्या रुख अपनाता है।
रुद्राक्ष पहनने से पहले जरूर जानें: महिलाओं के लिए सही रुद्राक्ष और उसके नियम
‘काशी के कोतवाल’ Kal Bhairav की कहानी: आखिर क्यों हुआ Brahma का शिरच्छेद?
UP में बड़ा दांव! Chirag Paswan की एंट्री, सभी सीटों पर उतरने की तैयारी
‘अपमान का बदला ले जनता’: SIR विवाद पर Mamata Banerjee का बड़ा बयान
चुनावी मैदान में अनोखा अंदाज, बुलडोजर लेकर पहुंचे प्रत्याशी
पश्चिम बंगाल में सियासी घमासान तेज, Indian National Congress ने झोंकी स्टार प्रचारकों की फौज
विक्रम यूनिवर्सिटी ने विवाद पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया