सरपंचों ने खोला मांगों का पिटारा, CM साय से बोले- बढ़ाएं मानदेय और मजबूत करें पंचायत अधिकार
रायपुर: प्रदेश की ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास, पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ प्रदेश सरपंच महासंघ के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। कुरुद क्षेत्र की ग्राम पंचायतों की प्राथमिकताओं और ग्रामीण समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विस्तार से संवाद किया और अपनी प्रमुख चिंताओं से अवगत कराया।
मानदेय में वृद्धि और एक करोड़ रुपये का सुरक्षा बीमा देने की अपील
प्रदेश अध्यक्ष कपिल देव नायक के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को 22 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने सरपंचों के वर्तमान मासिक मानदेय को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही दायित्वों के निर्वहन के दौरान संभावित जोखिमों को देखते हुए प्रत्येक सरपंच के लिए 1 करोड़ रुपये के दुर्घटना एवं जीवन बीमा कवरेज का प्रावधान करने का आग्रह किया गया, ताकि जनप्रतिनिधियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके।
ग्राम पंचायतों को आर्थिक मजबूती और निर्माण एजेंसी बनाने पर जोर
पंचायतों की वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के लिए महासंघ ने 16वें वित्त आयोग की राशि शीघ्र जारी करने तथा प्रतिवर्ष 2 से 5 लाख रुपये तक की 'सरपंच निधि' आवंटित करने की बात कही। इसके अतिरिक्त, स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए 50 लाख रुपये तक के निर्माण कार्यों में ग्राम पंचायत को ही कार्यदायी संस्था (निर्माण एजेंसी) घोषित करने का सुझाव दिया गया।
प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण और मनरेगा भुगतान का निपटारा
पंचायतों के दैनिक प्रशासनिक कामकाज को सहज बनाने के लिए जेम (GeM) पोर्टल की अनिवार्यता को समाप्त करने और नई एसओआर (SOR) दरें लागू करने की मांग रखी गई। साथ ही, मनरेगा के सामग्री मद में काफी समय से लंबित भुगतानों को तुरंत जारी करने का आग्रह किया गया। महासंघ ने पंचायत सचिवों व रोजगार सहायकों के स्थानांतरण तथा छुट्टी से जुड़े विषयों में सरपंच की लिखित सहमति को आवश्यक बनाने का भी प्रस्ताव रखा।
प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट बढ़ाने और छूटे पात्रों के सर्वे का अनुरोध
ग्रामीण अंचल में जरूरतमंदों के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये किए जाने की मांग ज्ञापन में शामिल रही। इसके साथ ही, योजना से वंचित रह गए पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से पुनः 'आवास प्लस' का नया सर्वे कराए जाने की अपील की गई।
मुख्यमंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन
बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष रघुवीर पिंटू सिन्हा, संकेत अग्रवाल, राजेश्वरी कैलाश आदिल, धमतरी अध्यक्ष हिमांशु शेखर साहू सहित महासंघ के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। महासंघ के अध्यक्ष कपिल देव नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी 22 मांगों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना है। महासंघ को पूर्ण विश्वास है कि राज्य सरकार पंचायत प्रतिनिधियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए जल्द ही जनहित में सकारात्मक निर्णय लेगी।
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