कोलंबो: श्रीलंका के खिलाफ गाले में खेले जाने वाले आगामी पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम प्रबंधन तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को मैदान पर उतारने का मन बना रहा है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिए हैं कि कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की तिकड़ी गेंदबाजी में अपनी अलग-अलग विविधताओं और विकेट हासिल करने की क्षमता के दम पर टीम के लिए बेहद असरदार साबित हो सकती है। कुलदीप अपनी कलाई के जादू से बल्लेबाजों को भ्रमित करने में माहिर हैं, जडेजा अपनी सधी हुई लाइन-लेन्थ के लिए जाने जाते हैं, वहीं सुथार पारंपरिक बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी की शैली का प्रतिनिधित्व करते हैं।

'कुलदीप का अनुभव बेहद अहम'

मीडिया से बातचीत करते हुए मोर्कल ने कहा, ‘कुलदीप हमारे साथ हैं और वह एक आक्रामक मानसिकता वाले गेंदबाज हैं। उनका अनुभव और कौशल स्तर हमारे लिए बहुत कीमती है। मेरे विचार से ये तीनों गेंदबाज अपनी शैली में एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक गेंदबाज (सुथार) गेंद को अधिक टर्न कराने की क्षमता रखता है, दूसरा (जडेजा) अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए प्रसिद्ध है, और मुझे नहीं लगता कि प्लेइंग इलेवन में तीन बाएं हाथ के स्पिनरों का होना हमारे लिए किसी तरह की चिंता का विषय है।’

'हमारे पास मुकाबले में 20 विकेट लेने का माद्दा

' मोर्कल के अनुसार, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान शुभमन गिल मैच के दौरान इन गेंदबाजों का किस प्रकार उपयोग करते हैं। हालांकि, उनकी तकनीकी दक्षता को देखते हुए इस आक्रमण में विरोधी टीम के 20 विकेट चटकाने की पूरी क्षमता है। मोर्कल का मानना है कि भारतीय स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मेहमान टीम को एक बेहद आक्रामक विकल्प प्रदान करता है, खासकर गाले की पिच को ध्यान में रखते हुए जहां मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को भरपूर मदद मिलने की संभावना है।

'तीन स्पिनरों के साथ उतरना सही फैसला'

उन्होंने कहा, ‘यदि आप इस मैदान के इतिहास और पारंपरिक रूप से खेले गए मुकाबलों पर नजर डालें, तो तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरना एक सही रणनीति होगी। हमारे स्पिन विभाग को देखें तो यह काफी आक्रामक नजर आता है।’ पूर्व तेज गेंदबाज ने यह भी जोड़ा, ‘पिच की मौजूदा स्थिति को देखकर यह एक अच्छी विकेट प्रतीत होती है, और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, सतह में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे।’

'हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है टीम'

मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम हर तरह के हालात का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार है। इन परिस्थितियों में मानसिक दृढ़ता, लंबी साझेदारियां निभाना और सही क्षेत्रों में लगातार गेंदबाजी करना बेहद अहम होगा। अनुभवी मोहम्मद सिराज के अलावा भारत को तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए गुरनूर बरार या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक का चयन करना होगा, हालांकि दोनों के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव अभी सीमित है।

प्रसिद्ध या गुरनूर में से किसे मिलेगा मौका?

इस सवाल पर मोर्कल ने कहा कि प्लेइंग इलेवन में जगह पाने वाला खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, ‘यह काफी रोमांचक है। इन गेंदबाजों ने घरेलू स्तर पर काफी क्रिकेट खेला है, जहां की परिस्थितियां अमूमन कठिन होती हैं। यहां आने के बाद हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती भीषण गर्मी और उमस से पार पाना होगी।’ मोर्कल ने जोर देते हुए कहा, ‘कूकाबुरा गेंद के पुरानी होने के बाद लगातार तेजी से ओवर निकालते हुए दबाव बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा। पिछले एक हफ्ते में मैंने जिस तरह से खिलाड़ियों को इन चुनौतियों का सामना करते देखा है, उससे मैं काफी उत्साहित हूं।’

‘क्रीज के सही इस्तेमाल पर देना होगा ध्यान

कोलंबो: श्रीलंका के खिलाफ गाले में खेले जाने वाले आगामी पहले टेस्ट मैच में भारतीय टीम प्रबंधन तीन बाएं हाथ के स्पिनरों को मैदान पर उतारने का मन बना रहा है। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने संकेत दिए हैं कि कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा की तिकड़ी गेंदबाजी में अपनी अलग-अलग विविधताओं और विकेट हासिल करने की क्षमता के दम पर टीम के लिए बेहद असरदार साबित हो सकती है। कुलदीप अपनी कलाई के जादू से बल्लेबाजों को भ्रमित करने में माहिर हैं, जडेजा अपनी सधी हुई लाइन-लेन्थ के लिए जाने जाते हैं, वहीं सुथार पारंपरिक बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी की शैली का प्रतिनिधित्व करते हैं।

'कुलदीप का अनुभव बेहद अहम' मीडिया से बातचीत करते हुए मोर्कल ने कहा, ‘कुलदीप हमारे साथ हैं और वह एक आक्रामक मानसिकता वाले गेंदबाज हैं। उनका अनुभव और कौशल स्तर हमारे लिए बहुत कीमती है। मेरे विचार से ये तीनों गेंदबाज अपनी शैली में एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘एक गेंदबाज (सुथार) गेंद को अधिक टर्न कराने की क्षमता रखता है, दूसरा (जडेजा) अपनी सटीक गेंदबाजी के लिए प्रसिद्ध है, और मुझे नहीं लगता कि प्लेइंग इलेवन में तीन बाएं हाथ के स्पिनरों का होना हमारे लिए किसी तरह की चिंता का विषय है।’

'हमारे पास मुकाबले में 20 विकेट लेने का माद्दा' मोर्कल के अनुसार, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि कप्तान शुभमन गिल मैच के दौरान इन गेंदबाजों का किस प्रकार उपयोग करते हैं। हालांकि, उनकी तकनीकी दक्षता को देखते हुए इस आक्रमण में विरोधी टीम के 20 विकेट चटकाने की पूरी क्षमता है। मोर्कल का मानना है कि भारतीय स्पिन गेंदबाजी आक्रमण मेहमान टीम को एक बेहद आक्रामक विकल्प प्रदान करता है, खासकर गाले की पिच को ध्यान में रखते हुए जहां मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों को भरपूर मदद मिलने की संभावना है।

'तीन स्पिनरों के साथ उतरना सही फैसला' उन्होंने कहा, ‘यदि आप इस मैदान के इतिहास और पारंपरिक रूप से खेले गए मुकाबलों पर नजर डालें, तो तीन स्पिनरों के साथ मैदान पर उतरना एक सही रणनीति होगी। हमारे स्पिन विभाग को देखें तो यह काफी आक्रामक नजर आता है।’ पूर्व तेज गेंदबाज ने यह भी जोड़ा, ‘पिच की मौजूदा स्थिति को देखकर यह एक अच्छी विकेट प्रतीत होती है, और मेरा मानना है कि जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, सतह में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे।’

'हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है टीम' मोर्कल ने स्पष्ट किया कि टीम हर तरह के हालात का सामना करने के लिए मानसिक रूप से तैयार है। इन परिस्थितियों में मानसिक दृढ़ता, लंबी साझेदारियां निभाना और सही क्षेत्रों में लगातार गेंदबाजी करना बेहद अहम होगा। अनुभवी मोहम्मद सिराज के अलावा भारत को तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए गुरनूर बरार या प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक का चयन करना होगा, हालांकि दोनों के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव अभी सीमित है।

प्रसिद्ध या गुरनूर में से किसे मिलेगा मौका? इस सवाल पर मोर्कल ने कहा कि प्लेइंग इलेवन में जगह पाने वाला खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने में सक्षम होगा। उन्होंने कहा, ‘यह काफी रोमांचक है। इन गेंदबाजों ने घरेलू स्तर पर काफी क्रिकेट खेला है, जहां की परिस्थितियां अमूमन कठिन होती हैं। यहां आने के बाद हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती भीषण गर्मी और उमस से पार पाना होगी।’ मोर्कल ने जोर देते हुए कहा, ‘कूकाबुरा गेंद के पुरानी होने के बाद लगातार तेजी से ओवर निकालते हुए दबाव बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा। पिछले एक हफ्ते में मैंने जिस तरह से खिलाड़ियों को इन चुनौतियों का सामना करते देखा है, उससे मैं काफी उत्साहित हूं।’

‘क्रीज के सही इस्तेमाल पर देना होगा ध्यान’

उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘यह सब कुछ आपकी मानसिक सोच पर निर्भर करता है। यदि आप तेज गेंदबाज हैं, तो 20 से 35 ओवर बीतने के बाद गेंद पुरानी और नरम हो जाएगी, लेकिन इसके बाद हमारी अगली रणनीति क्या होगी, यह अहम है।’ मोर्कल ने अंत में कहा, ‘हमें यह समझदारी दिखानी होगी कि क्रीज का बेहतर उपयोग कैसे किया जाए और शॉर्ट गेंदों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कैसे हो। इन तमाम परिस्थितियों में हमें त्वरित निर्णय लेने, उन्हें मैदान पर अमलीजामा पहनाने और पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी करने की आवश्यकता होगी।’

उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, ‘यह सब कुछ आपकी मानसिक सोच पर निर्भर करता है। यदि आप तेज गेंदबाज हैं, तो 20 से 35 ओवर बीतने के बाद गेंद पुरानी और नरम हो जाएगी, लेकिन इसके बाद हमारी अगली रणनीति क्या होगी, यह अहम है।’ मोर्कल ने अंत में कहा, ‘हमें यह समझदारी दिखानी होगी कि क्रीज का बेहतर उपयोग कैसे किया जाए और शॉर्ट गेंदों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कैसे हो। इन तमाम परिस्थितियों में हमें त्वरित निर्णय लेने, उन्हें मैदान पर अमलीजामा पहनाने और पूरी ऊर्जा के साथ गेंदबाजी करने की आवश्यकता होगी।’