प्रयागराज में चलती पुलिस गाड़ी का पहिया निकला, कर्मी बाल-बाल बचे
जबलपुर। जबलपुर पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची। लार्डगंज थाना क्षेत्र से लापता हुई 16 साल की एक किशोरी को बिहार से बरामद कर लौट रही पुलिस टीम की गाड़ी का पहिया अचानक चलते-चलते निकल गया। चालक की सूझबूझ की वजह से गाड़ी पलटने या पुल से नीचे गिरने से बच गई, जिससे वाहन में सवार एएसआई, महिला आरक्षक, चालक और नाबालिग सुरक्षित हैं।
इस घटनाक्रम को हम कुछ मुख्य बिंदुओं में समझ सकते हैं:
सफलता के बाद अचानक आया संकट
-
बरामदगी अभियान: लार्डगंज पुलिस को तकनीकी सबूतों से पता चला था कि लापता किशोरी बिहार में अपने रिश्तेदारों के पास है। एएसआई राजेश वर्मा के नेतृत्व में टीम उसे सुरक्षित लेने के लिए 800 किलोमीटर दूर बिहार गई थी।
-
वापसी का सफर: टीम रविवार रात बिहार से जबलपुर के लिए रवाना हुई। सोमवार सुबह करीब 9 बजे जब उनकी गाड़ी प्रयागराज के एक ओवरब्रिज पर थी, तभी अचानक चलती गाड़ी का टायर खुलकर अलग हो गया।
चालक की बहादुरी और सुरक्षा पर सवाल
-
बचाव: ओवरब्रिज पर पहिया निकलने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर पुल के किनारे की तरफ बढ़ने लगी। ड्राइवर उमेश यादव ने तुरंत ब्रेक लगाकर स्थिति को संभाला। अगर वाहन कुछ मीटर और आगे बढ़ जाता, तो वह पुल से नीचे गिर सकता था।
-
फिटनेस पर प्रश्न: इस खतरनाक वाकये ने पुलिस विभाग की गाड़ियों के रखरखाव और उनकी फिटनेस की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?
AAP की आंतरिक कलह पर नवीन जयहिंद का 'लेटर बम'— राघव-परिणीति की शादी को बताया विवाद की असली जड़
बच्चू कडू बने 'शिवसैनिक': एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में थामा शिवसेना का हाथ, विदर्भ में बदला सियासी समीकरण
आधुनिक तकनीक और एडवांस सिस्टम से लैस होने की संभावना