कैरोलिन लेविट को कैसे पता ट्रंप के कार्यक्रम में फायर-शॉट भी होगा
वाशिंगटन । अमेरिका में शनिवार की रात को जो कुछ भी हुआ, उस घटना ने हर किसी को चौंका दिया। हिल्टन होटल में जहां होनी थी एक ऐसी पार्टी, जिसमें सभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण को सुनने वाले और कहां उन्हें सुनाई दी गोलियों की तड़तड़ाहट। इस बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का पुराना वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो व्हाइट हाउस कॉरेंसपॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी की घटना के बाद फिर से चर्चा में आ गया है।
पत्रकारों का डिनर शुरू होने से कुछ समय पहले, लेविट ने मीडिया से बातचीत में दर्शकों से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का भाषण देखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि ट्रंप का संबोधन काफी दिलचस्प और मनोरंजक होगा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि भाषण में कुछ तीखे हमले देखने को मिल सकते हैं, जिससे कार्यक्रम और आकर्षक बनेगा। उस समय उनके बयान को राजनीतिक कटाक्ष और मजाक की तरह देखा गया लेकिन लेविट का फायर-शॉट वाला मजाक कार्यक्रम के दौरान बिल्कुल सही साबित हुआ।
दअरसल लेविट ने कार्यक्रम से पहले पूछा गया था कि आज पत्रकारों के सामने ट्रंप क्या बोलने वाले हैं? इस पर लेविट ने कहा था कि उन्होंने खुद ही अपना भाषण लिखा है और वे ही जानते हैं कि वे क्या कहने वाले हैं, लेकिन ये बिल्कुल क्लासिक ट्रंप का स्टाइल होगा। उन्होंने कहा कि वे पूरे हाल को अपनी बातों से हिलाकर रख देने वाले है। इसके बाद लेविट ने मजाक में कहा कि मजे के साथ-साथ कुछ फायर शॉट भी देखने को मिल सकते है। हालांकि ये सिर्फ बातों के लिहाज से कहा गया था लेकिन कार्यक्रम में वाकई फायर शॉट हुए और अफरा-तफी मच गई।
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?