तमिलनाडु का महासंग्राम: राहुल गांधी के तीखे तेवरों से सत्ता पक्ष में खलबली
कन्याकुमारी: तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की दहलीज पर खड़ा है और यहाँ सत्ता की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुकी है। कन्याकुमारी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ एआईएडीएमके (AIADMK) और भाजपा-आरएसएस गठबंधन पर कड़ा प्रहार किया। उनके इस बयान ने राज्य के सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
"तमिल अस्मिता से समझौता" का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने रैली के दौरान एआईएडीएमके नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने पूरी तरह से भाजपा और आरएसएस के एजेंडे के सामने घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की सरकार अब चेन्नई से नहीं बल्कि दिल्ली से नियंत्रित हो रही है। राहुल ने इसे तमिल संस्कृति और गौरव का अपमान बताते हुए जनता से अपनी 'अस्मिता' की रक्षा करने की अपील की।
आरएसएस और भाजपा पर तीखा पलटवार
भाजपा पर हमला जारी रखते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आरएसएस देश की विविधता को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और तमिलनाडु की जनता ऐसा कभी होने नहीं देगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का रिमोट कंट्रोल एआईएडीएमके के हाथों में है, जिससे राज्य का विकास और स्वायत्तता खतरे में है।
चुनावी पारा सातवें आसमान पर
जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, तमिलनाडु में जुबानी जंग और तेज हो गई है। राहुल गांधी के इन आरोपों के बाद अब सबकी नजरें सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 'दिल्ली बनाम तमिल गौरव' का यह मुद्दा इस बार चुनावों में गेमचेंजर साबित हो सकता है।
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