आरक्षण बनाम परिसीमन: अमित शाह ने संसद में रखा पक्ष, विपक्ष ने उठाए सवाल
नई दिल्ली | संसद में आज आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों को लेकर जोरदार राजनीतिक बहस चल रही है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकार इन दोनों अहम मुद्दों को एक साथ क्यों आगे बढ़ा रही है? अब इसी पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में साफ कहा कि दोनों विधेयकों को साथ लाने का उद्देश्य महिला आरक्षण को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना है। यह बयान उन्होंने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल की आपत्ति के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव का विरोध किया था।सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन जरूरी प्रक्रिया है। इसी वजह से दोनों विधेयकों को एक साथ पेश किया गया है, ताकि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को सही तरीके से लागू किया जा सके और लोकसभा व विधानसभा में सीटों का पुनर्गठन किया जा सके।
विपक्ष का विरोध क्यों?
दूसरी ओर विपक्ष का आरोप है कि इन दोनों विधेयकों को एक साथ लाकर राजनीतिक और चुनावी संतुलन में बदलाव करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को पहले अलग-अलग तरीके से चर्चा करनी चाहिए थी। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। सरकार इसे सुधार प्रक्रिया बता रही है, जबकि विपक्ष इसे असंतुलन पैदा करने वाला कदम मान रहा है।
तवी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट से बदलेगी जम्मू की तस्वीर, पर्यटन को नई रफ्तार
साइबर ठगी का नया जाल, डिजिटल अरेस्ट में फंसा परिवार, पत्नी की हालत गंभीर
आज होगी मोहन कैबिनेट मीटिंग, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर हो सकता है फैसला
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने किया ऐलान, 9 मई को नए CM की शपथ
सोशल मीडिया पर छाए रघु शर्मा, जानिए कौन हैं
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, IShowSpeed की अनोखी मांग
प्लेऑफ की रेस में पिछड़ी Mumbai Indians, लगातार हार का असर बरकरार
विदेश में पढ़ाई का सपना होगा पूरा, छत्तीसगढ़ के छात्रों को मिल रही स्कॉलरशिप
आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य क्रांति, मोबाइल यूनिट से मरीजों को राहत
बोर्ड परीक्षार्थियों को झटका, ऑनलाइन फॉर्म में आ रही तकनीकी दिक्कत