लाल गेंद क्रिकेट से दूरी क्यों बना रहे हैं राशिद खान?
अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर राशिद खान ने भारत के खिलाफ जून में होने वाले एकमात्र टेस्ट में खेलने पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि लाल गेंद क्रिकेट उनकी लंबी करियर की संभावनाओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है। राशिद फिलहाल आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अफगानिस्तान को जून में न्यू चंडीगढ़ में भारत के खिलाफ टेस्ट मैच खेलना है, लेकिन राशिद ने स्वीकार किया कि इस मैच में उनके खेलने की संभावना कम है।
राशिद बोले- डॉक्टर ने टेस्ट प्रारूप से दूर रहने की दी है सलाह
राशिद ने कहा, मैं पहले भी एक टेस्ट खेल चुका हूं। मैं बस आराम से खेलूंगा। मैं नहीं चाहता कि मेरी पीठ में कोई इंजरी हो। मैं 100 टेस्ट मैच नहीं खेल सकता। लाल गेंद प्रारूप का क्रिकेट थोड़ा मुश्किल है क्योंकि मेरे डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि इससे दूर रहो। फिर भी मैंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 67 ओवर फेंके, जिससे डॉक्टर हैरान रह गए। वनडे क्रिकेट मुझे पसंद है और मेरा ध्यान इस फॉर्मेट पर है। मैं इसमें लंबे समय तक खेल सकता हूं। लाल गेंद क्रिकेट को सीमित रखना पड़ेगा। साल में एक टेस्ट है तो मैं उसे खेल लूंगा, लेकिन उससे ज्यादा मैनेज करना मुश्किल होगा।
राशिद ने कहा कि अगर वह टीम का हिस्सा हैं तो उन्हें पूरे दिन गेंदबाजी करनी पड़ेगी। राशिद ने कहा, 'मुझे सावधानी बरतना है और खुद को वनडे विश्व कप के लिए तैयार करना है।' दिग्गज लेग स्पिनर के बयान से स्पष्ट हो गया है कि भविष्य में वह अपना फोकस वनडे पर रखना चाहते हैं। राशिद ने अब तक अफगानिस्तान के 12 टेस्ट में सिर्फ छह में हिस्सा लिया है और आखिरी बार जनवरी 2025 में जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो में खेला था। 2023 वनडे विश्व कप के बाद उनकी पीठ की सर्जरी ने लाल गेंद क्रिकेट में उपलब्धता सीमित कर दी है।
यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय
राहुल गांधी केस में सावरकर मुद्दा फिर गरमाया, गवाही में बड़े खुलासे
युद्ध या समझौता: मझधार में फंसे डोनाल्ड ट्रंप