बस हादसे पर सियासत तेज: “यह हादसा नहीं लापरवाही”, पटवारी ने CM Mohan Yadav को घेरा
छिंदवाड़ा। जिले में हुए भीषण बस हादसे के बाद सियासत गरमा गई है। शनिवार को नेता प्रतिपक्ष जीतू पटवारी प्रभावित गांवों में पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए इस घटना को “सरकारी हत्या” करार दिया। पटवारी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार सौंसर, करेर, मुआर, झिरिया और झामटा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान कई परिवारों ने अपनों को खोने का दर्द साझा किया, जिससे माहौल बेहद गमगीन हो गया। मीडिया से बातचीत में पटवारी ने कहा कि यह महज सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए दबाव बनाया गया, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में जाना पड़ा और वे हादसे का शिकार हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को इस घटना पर शर्म आनी चाहिए। उनके कार्यक्रम के कारण 10 लोगों की जान चली गई, जो बेहद असंवेदनशीलता का उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री का दौरा एक इवेंट बनकर रह गया, जिसमें आम लोगों की सुरक्षा और संवेदनाओं को नजरअंदाज किया गया। पटवारी ने आरोप लगाया कि मृतकों के परिजनों को अब तक केवल अंतिम संस्कार के लिए 5 हजार रुपए दिए गए हैं, जो बेहद नाकाफी है। सरकार द्वारा अब तक किसी ठोस मुआवजे की घोषणा नहीं किए जाने से पीड़ित परिवारों में नाराजगी है। उन्होंने जिला प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कलेक्टर इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार हैं। प्रशासनिक अमले का दुरुपयोग कर भीड़ जुटाई गई, जिसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, नल चालक और स्कूलों में भोजन बनाने वाले कर्मचारी भी शामिल थे। पटवारी ने एक मार्मिक उदाहरण देते हुए बताया कि इस हादसे में एक 17 वर्षीय बच्ची ने अपना पूरा परिवार खो दिया, जो बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि सभी मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। दौरे के बाद पटवारी शाम करीब 4 बजे छिंदवाड़ा से भोपाल के लिए रवाना हो गए। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
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