शिवरात्रि पर भगवान शिव को बेलपत्र सीधा चढाएं या उल्टा, किससे होगी शुभ फल की प्राप्ति?
भगवान शिव पर बेलपत्र चढ़ाने का विधान बहुत प्राचीन है. माना जाता है कि यदि इसे सही विधि से चढ़ाया जाए तो शिवजी अत्यंत प्रसन्न होते हैं और व्रत‑पूजा का शुभ फल मिलता है. बेलपत्र सीधा चढ़ाना ही सही माना जाता है.
परंपरा के अनुसार बेलपत्र को हमेशा सीधा (ऊपर की ओर नसें दिखाई दें) रखकर चढ़ाया जाता है. इसके कुछ धार्मिक कारण हैं.
1. ऊपरी सतह ही “पूजा योग्य” मानी जाती है
बेलपत्र की तीन पत्तियां त्रिदेव/त्रिगुण/त्रिशक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं. ऊपरी सतह पर इन्हीं का पवित्र स्वरूप दर्शाया गया है.
2. उल्टा बेलपत्र चढ़ाना अशुभ माना जाता है
नीचे की ओर वाली सतह को “तामसिक” माना जाता है.
इसी कारण इसे उल्टा चढ़ाना उचित नहीं माना जाता, वरना पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता.
3. बेलपत्र चढ़ाते समय डंठल शिवलिंग की ओर न रखें
यह भी एक महत्वपूर्ण नियम है.
डंठल को नीचे की ओर रखें, ताकि पत्तियों का पवित्र भाग शिवलिंग पर ऊपर की ओर रहे.
बेलपत्र चढ़ाने के नियम
1. तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाएं
यह त्रिदेव–त्रिगुण–त्रिनेत्र का प्रतीक है.
2. पत्तों में किसी प्रकार का छेद न हो
छेद या कटा हुआ बेलपत्र चढ़ाना अशुभ माना जाता है.
3. स्नान के बाद स्वच्छ मन से चढ़ाएं
बेलपत्र को घर में सम्मानपूर्वक रखा जाए और पूजा से पहले धोकर चढ़ाया जाए.
4. बेलपत्र पर नाम लिखकर चढ़ाने की परंपरा
कई लोग बेलपत्र पर “ॐ”, “शिव”, “त्रिशूल” आदि लिखते हैं.
यह शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है.
बेलपत्र चढ़ाने से मिलने वाला फल
1. पापों का नाश
पुराणों में कहा गया है कि बेलपत्र चढ़ाने से सात जन्मों के पापों का क्षय होता है.
2. रोग‑दोषों से मुक्ति
शिव को ‘वैद्य’ भी कहा जाता है. बेलपत्र चढ़ाने से ग्रहदोष, नकारात्मकता और मानसिक तनाव दूर होते हैं.
Advertisement
3. मनोकामना पूरी होती है
शिवरात्रि पर बेलपत्र चढ़ाने से धन, संतान, स्वास्थ्य और विवाह संबंधी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
4. भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं
शिव को प्रसन्न करना अत्यंत सरल माना जाता है. बेलपत्र उनका सबसे प्रिय पत्र है.
शिवरात्रि पर बेलपत्र हमेशा “सीधा” और “डंठल नीचे की ओर” रखकर चढ़ाएं.
उल्टा बेलपत्र न चढ़ाएं.
‘पाकिस्तान से कांग्रेस को डाटा मिला’ – फर्जी पासपोर्ट मामले में हिमंता ने किया कड़ा हमला
अदालत ने शादीशुदा युवती को प्रेमी के साथ रहने की दी अनुमति19 साल की पत्नी और 40 साल के पति का विवाद, कोर्ट का पति के बजाय प्रेमी के साथ रहने का फैसला
CSK की हार पर रायुडू का गुस्सा, डेथ ओवर बॉलिंग को ठहराया जिम्मेदार
MP में चुनावी गणित बदल सकता है, कांग्रेस को सता रहा क्रॉस वोटिंग का खतरा
हेमकुंड साहिब: बर्फ से ढका मार्ग, संयुक्त टीम ने पैदल पहुंचकर लिया जायजा
RCB के मैदान पर धमाल के पीछे कौन? टिम डेविड ने लिया नाम
Stock Market Update: सेंसेक्स में 400+ अंकों की तेजी, निफ्टी 22800 के ऊपर
Rajendra Bharti की सदस्यता जाने से कांग्रेस की गणित बिगड़ी