वंदे मातरम विवाद गरमाया: उज्जैन इमाम बोले– ‘हिंदू और गैर-हिंदू स्कूलों से लें विदाई’
उज्जैन: केंद्र सरकार ने हाल ही में दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब देश में राष्ट्रगान की तरह ही राष्ट्रगीत को भी सम्मान दिया जाएगा. जिसके बाद से ही कई राज्यों में इस फैसले को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं. उज्जैन के एक इमाम का केंद्र सरकार के इस फैसले को लेकर बयान सामने आया है.इमाम का कहना है यह फैसला उचित नहीं है. इमान ने सभी मुस्लिम परिवारों से अनुरोध किया है कि हिन्दू और गैर हिंदुओं के स्कूलों से, जहां ऐसे आदेश थोपे जा रहे है वहां से बच्चों को निकाल लें. बच्चों से भी यही कहेंगे ऐसे स्कूलों से छुट्टी ले लें.
स्कूल चलाते थे इमाम नासिर अली
स्कूली बच्चों को लेकर बयान देने वाले इमाम मुफ्ती सय्यद नासिर अली नदवी उज्जैन शहर के तोपखाना क्षेत्र के निवासी हैं. उन्होंने कहा कि शहर की मदारगेट मस्जिद में बीते 30 सालों से नमाज अदा करवा रहे हैं. खुद का किराए की बिल्डिंग में एक स्कूल चलाते थे. कुछ सालों पहले वहां उर्दू भाषा सिखाते थे अब स्कूल बंद कर दिया है. इमाम का कहना है ये स्पष्ट है कि कोई भी मुसलमान अल्लाह को छोड़कर या अल्लाह के साथ किसी और को शामिल नहीं कर सकता.
'हिन्दू और गैर हिंदुओं के स्कूलों में अपने बच्चों को ना पढ़ाएं'
इमाम मुफ्ती सय्यद नासिर अली नदवी ने कहा "ये मुल्क हिंदुस्तान है, यहां सभी मजहब के सभी बिरादरी के और जात पात के लोग रहते हैं. इसमे कोई खुदा को मानता है तो कोई नहीं. यही इसकी खूबसूरती भी है. यहां सभी को अपने अपने मजहब पर अमल करने की पूरी आजादी है. हुकूमत का ये फैसला कानून के खिलाफ है. वंदे मातरम राष्ट्रगीत में साफ बताया जा रहा है जो हमारी हिंदुस्तान की जमीन है उसकी हम पूजा करते हैं. लिहाजा मुसलमान के लिए ये जरा भी सही नहीं है कि अल्लाह के साथ किसी और को भी अपनी पूजा में शामिल करें." इमाम नासिर अली ने कहा कि "हम सभी मुसलमानों से कहेंगे कि अपने बच्चों को ऐसे स्कूलों से छुट्टी दिलवाएं जहां हिन्दू और गैर मुसलमानों के स्कूलों में बच्चों से कहा जा रहा है राष्ट्रगीत गान कम्पलसरी है. हम बच्चों को भी इस बात की इजाजत नहीं दे सकते कि वो इस्लाम में रहकर किसी और खुदा की तस्लीम करें."
क्या हैं केंद्र के दिशा निर्देश?
केंद्र सरकार ने हाल ही में दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि अब सरकारी कार्यक्रमों में, स्कूल या अन्य औपचारिक आयोजनों में राष्ट्रगान जन गण मन की तरह अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 छंदों का भी गान किया जाएगा. साथ ही राष्ट्रगान के पहले राष्ट्रगीत का गायन अनिवार्य किया गया है. इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य है.
राष्ट्रगीत वंदे मातरम के गायन को मध्य प्रदेश सरकार करेगी लागू
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 छंदों के गायन का निर्णय लिया है. इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा. मध्य प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है."
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