राहुल गांधी की सोच सड़ी हुई है… कंगना रनौत ने ‘माल’ और ‘कबाब’ वाले बयान पर दी तीखी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा एपस्टीन फाइल्स (Epstein Files) को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भाजपा सांसद कंगना रनौत (BJP MP Kangana Ranaut) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi.) की भाषा और शब्द चयन को निशाना बनाते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां उनकी मानसिकता को स्पष्ट रूप से दिखाती हैं।
कंगना का हमला
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा से सांसद कंगना रनौत ने कहा, “उनके शब्दों की पसंद देख लीजिए। जिस तरह उन्होंने एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में कहा कि उसमें और ‘माल’ और ‘कबाब’ है, ऐसी सड़ी हुई और भ्रष्ट मानसिकता वाले व्यक्ति से और क्या उम्मीद की जा सकती है?” उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में बैठे नेताओं को हमेशा जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ बोलना चाहिए। कंगना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार ऐसे बयान देते हैं, जो राजनीतिक स्तर को गिराते हैं।
कांग्रेस का पलटवार
वहीं, कांग्रेस पार्टी ने लगातार आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले तीन दिनों से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है और उन्हें अपना भाषण पूरा करने का अवसर नहीं मिला।” रमेश ने आगे बताया कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है क्योंकि राहुल गांधी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे उठाते हैं।
पीएम मोदी पर आरोप और संसद में बहस
कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाया कि चीनी घुसपैठ के नाजुक समय में उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारी से हाथ खड़े कर सेना को अकेला छोड़ दिया। राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक का हवाला देते हुए यह आरोप संसद में उठाए। इसके बावजूद कहा जा रहा है कि संसद में उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने नहीं दिया गया। यह मामला राजनीतिक बहस और सोशल मीडिया पर भी गहरी चर्चा का विषय बन गया है, जहां विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं जारी की हैं।
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF कांस्टेबल भर्ती विवाद: शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की याचिका खारिज की