जमीन के अंदर भी भ्रष्टाचार चाहिए’, अंडरग्राउंड मेट्रो पर पटवारी का कटाक्ष
भोपाल। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल मेट्रो को लेकर आपत्ति जताई है. सांसद ने जनप्रतिनिधियों से चर्चा करन के बाद कहा है कि भोपाल मेट्रो को न्यू मार्केट से भदभदा तक अंडर ग्राउंड चलाया जाना चाहिए. वहीं सांसद के बयान पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पलटवार किया है।
‘अब जमीन के अंदर भ्रष्टाचार का मौका चाहिए’
भोपाल सांसद आलोक शर्मा के भोपाल मेट्रो को अंडर ग्राउंड चलाने की बात पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पलटवार किया है. जीतू पटवारी ने कहा, ‘प्रदेशभर में भ्रष्टाचार हो रहा है. मेट्रो को लेकर आपत्ति जताई गई है. अब तक ऊपर भ्रष्टाचार हुआ है. अब जमीन के अंदर भ्रष्टाचार करने का मौका चाहिए. उनको बताना चाहिए कि भ्रष्टाचार का पैसा कहां लेकर जाएंगे. बीजेपी सरकार में हर जगह भ्रष्टाचार हो रहा है।’
‘दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए’
भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल मेट्रो को लेकर आपत्ति जताने के साथ ही स्लॉटर हाउस मामले पर भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि नगर निगम नहीं, नगरीय प्रशासन के अफसरों ने प्रस्ताव बनाया था. दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे ये गलती दोबारा ना दोहराई जाए।
8 लाख खर्च हुए और कमाई 39 हजार रुपये
भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन को एक महीना पूरा हो चुका है. मेट्रो की कमाई से ज्यादा उस पर खर्च किया जा रहा है. आंकड़ों की बात करें तो मेट्रो का ऑपरेशन कॉस्ट करीब 8 लाख रुपये है. 21 दिसंबर से लेकर अब तक औसतन टिकट बिक्री से लगभग 39 हजार रुपये की कमाई हुई, जो खर्च से कई गुना कम है. टिकट बिक्री की बात करें तो औसतन रोजाना 1290 टिकट की बिक्री हो रही हैं।
दिलीप कुमार सिंह की नियुक्ति से विभाग में बदलाव की उम्मीद
‘ऑपरेशन सिंदूर’ बना केस स्टडी, सेना प्रमुख ने बताया रणनीतिक महत्व
रेलवे का बड़ा प्रोजेक्ट, क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टैंकर से बरामद हुआ गांजा
आतंक के साए में कूटनीति, पाकिस्तान की भूमिका पर उठे सवाल
सवाल सुनते ही नाराज हुए बाबर आजम, प्रेस कॉन्फ्रेंस में गरमाया माहौल
MBBS सीटों में होगा इजाफा, छात्रों को बड़ी राहत
फंसे निर्यातकों के लिए सरकार सक्रिय, पोर्ट्स को पारदर्शिता के निर्देश
भारतीय समुदाय पर भेदभाव का मामला, एचएएफ पहुंचा अदालत
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की ग्रोथ मजबूत, वर्ल्ड बैंक का भरोसा