माओवाद प्रभावित क्षेत्र से निकलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं सरोज पोडियाम
रायपुर : सुकमा जिले की निवासी सरोज पोडियाम माओवाद हिंसा से प्रभावित परिवार से हैं। वर्ष 2009 में माओवादियों द्वारा उनके ससुर की हत्या किए जाने से परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया था। इस कठिन परिस्थिति में शासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नवा बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें आवास प्रदान किया तथा उनके पति राकेश पोडियाम को नगर सैनिक (सिपाही) के पद पर नियुक्त कर परिवार को सुरक्षा एवं आजीविका का सहारा दिया।
सरोज पोडियाम पहले से ही घर पर सिलाई कार्य करती थीं, लेकिन पूंजी की कमी के कारण वे अपने व्यवसाय का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। जब उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्व-रोजगार के अवसर को अपनाने हेतु आवेदन किया।
दिनांक 24 नवम्बर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, सुकमा द्वारा उन्हें 15,000 रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। चेक का वितरण मुख्य नगर पालिका अधिकारी पी.आर. कोर्राम और नगर पालिका परिषद सुकमा के अध्यक्ष हूँगा राम मरकाम के द्वारा किया गया।
ऋण स्वीकृत होने के बाद सरोज पोडियाम ने अपने सिलाई व्यवसाय को नए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाया। आज वे अपने परिश्रम और सरकारी योजनाओं के सहयोग से परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं तथा आत्मनिर्भर और सशक्त महिला के रूप में समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं।
सरोज का कहना है कि सरकार द्वारा दी गई सहायता और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
उनकी कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, शासन की योजनाओं का लाभ और व्यक्तिगत संकल्प किसी भी कठिन परिस्थिति से उबरकर सफलता की ओर ले जा सकते हैं।
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