NSG ने देशभर में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की रेकी क्यों की? अमित शाह ने बताया
नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) ने भारत भर में कम से कम 770 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों की रेकी की है. शाह ने कहा कि, एनएसजी ने ऐसा करके उन्हें किसी भी संभावित आतंकी खतरे से बचाने के लिए एक व्यापक डेटा बैंक तैयार किया है.
गुरुग्राम के मानेश्वर में एनएसजी के 41वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने आगे कहा कि, एनएसजी ने महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों आदि का एक डेटा बैंक तैयार किया है ताकि इन स्थानों पर किसी भी संभावित आतंकी खतरे को टाला जा सके.
उन्होंने आगे कहा कि, एनएसजी ने तत्काल संदर्भ के लिए इन महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और स्थानों के 3D मॉडल भी बनाए हैं. भारत में संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ एनएसजी की प्रमुख भूमिका का उल्लेख करते हुए, शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में यह प्रमुख शहरी आतंकवाद निरोधी बल और अधिक अत्याधुनिक हथियारों और अन्य उपकरणों से लैस होगा. उन्होंने कहा कि, उनके कामकाज में भी बड़ा बदलाव आएगा.
गृह मंत्री ने विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र (एसओटीसी) की भी आधारशिला रखी. शाह ने कहा कि, यह विशेष अभियान प्रशिक्षण केंद्र एनएसजी को सभी प्रकार के विशेष प्रशिक्षण से सशक्त बनाएगा. शाह ने कहा कि, वे राज्य सरकार की आतंकवाद-रोधी इकाइयों से भी यहां विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने की अपील करता हैं.
उन्होंने कहा कि, एसओटीसी का निर्माण 141 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा और यह 8 एकड़ भूमि में फैला होगा. यह केंद्र मार्च 2027 तक पूरा हो जाएगा. भारत में संगठित अपराध और आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होने का दावा करते हुए, शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार के दृढ़ संकल्प ने आतंकवाद को पनाह देने वालों को करारा जवाब दिया है.
शाह ने कहा कि, आर्टिकल 370 को हटाने और उसके बाद सर्जिकल और एयर स्ट्राइक और यहां तक कि ऑपरेशन सिंदूर ने दिखा दिया है कि आतंकवादी कहीं छिप नहीं सकते. उन्होंने कहा कि, हमारे जवानों ने दिखा दिया है कि आतंकवादियों के लिए कहीं कोई जगह नहीं है. शाह ने कहा, आतंकवादी चाहे कहीं भी छिप जाएं, हमारे सुरक्षा बल उन्हें पाताल से भी निकाल कर दंड देंगे.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत ने पाकिस्तानी आतंकवादी समूहों, उनके मुख्यालयों और लॉन्चपैड्स को नष्ट कर दिया है. शाह ने कहा कि, ऑपरेशन महादेव के साथ, हमने उन सभी आतंकवादियों को मार गिराया है जो पहलगाम हमले में शामिल थे. वहीं, एनएसजी के महानिदेशक, भृगु श्रीनिवासन ने कहा कि गृह मंत्रालय (एमएचए) के निर्देशों के बाद, यह विशिष्ट आतंकवाद-रोधी बल नक्सल-विरोधी अभियानों में भी शामिल रहा है.
उन्होंने कहा कि, नक्सल विरोधी अभियानों के लिए, हैदराबाद क्षेत्रीय केंद्र से एनएसजी इकाइयां गढ़चिरौली में तैनात हैं और नक्सल विरोधी अभियानों में भाग लेती हैं. इस मिशन के लिए हमने अपने ड्रेस कोड के साथ-साथ हथियार भी बदले हैं. श्रीनिवासन ने आगे कहा कि एनएसजी मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खत्म करने के भारत के मिशन में सहायता के लिए हमेशा तैयार है.
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