फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: 38,000 आधार कार्ड बनवाने वाला गिरोह बेनकाब, जालौन के ठग को अंडमान की STF ने किया गिरफ्तार
जालौन: जालौन जिले के नटवारलाल धर्मेंद्र सक्सेना को अंडमान निकोबार एसटीएफ ने कोलकाता से अरेस्ट किया है। कोलकाता हाई कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। धर्मेंद्र सक्सेना पर आरोप है कि उसने फर्जी आधार कार्ड बनाने और वितरित करने के लिए एक नेटवर्क का संचालन किया था। इस तरह उसने करीब 38 हजार फर्जी आधार कार्ड जारी करवाए थे। धर्मेंद्र सक्सेना के खिलाफ 25 फरवरी को बीएसएनएल के अंडमान और निकोबार दूरसंचार मंडल के सहायक महाप्रबंधक ने पुलिस स्टेशन साइबर अपराध दक्षिण अंडमान में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी में उस पर आरोप लगाया गया था कि धर्मेंद्र सक्सेना ने अपने साथियों के माध्यम से 38 हजार फर्जी आधार कार्ड जारी करवाए थे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने धर्मेंद्र सक्सेना के खिलाफ जांच शुरू की और पाया कि उसने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अन्य राज्यों में भी लोगों को फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए कई प्रयास किए और अंततः कलकत्ता उच्च न्यायालय के बाहर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
धर्मेंद्र सक्सेना का आपराधिक इतिहास
धर्मेंद्र सक्सेना जालौन जिले में कुख्यात नाम है, जिसके खिलाफ पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में कालपी कोतवाली के छौंक ग्राम में 6 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी में भी इसका नाम आया था और यह पकड़ा भी गया था। इसके ऑपरेटर सचिन सिंह सहित 26 लोगों को जेल भेजा गया था।
असल में धर्मेंद्र सक्सेना के पास अंडमान निकोबार में आधार कार्ड बनाने की फ्रेंचाइजी थी। उसके पास इस काम के लिए वहां 20 मशीनें थीं। लेकिन धीरे-धीरे वह अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से आधार तैयार करने लगा। इसके जरिए उसे लाखों रुपये की आमदनी हो रही थी। इसके बाद धर्मेंद्र जालौन में भी दो मशीनें ले आया और यहां भी फर्जी आधार कार्ड बनाने लगा। उसने कालपी में फर्जी तरीके से आधार बनाकर भूमि से घोटोले करने शुरू कर दिए। जबकि, उसे आधार से संबंधित सभी गतिविधियां अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में ही संचालित करने की अनुमति दी थी। लेकिन वह उसके बाहर भी इसके बाद वह अन्य राज्यों में भी लोगों को फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराने में मदद करने लगा।
10 साल तक की हो सकती कैद
अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक जालौन को नए सिरे से जांच करने के निर्देश दिए हैं। संकेत मिले हैं कि पुलिस अधीक्षक द्वारा इसकी मदद करने वाले विवेचना अधिकारी के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धर्मेंद्र सक्सेना को पोर्ट ब्लेयर की जेल में रखा गया है और उसे 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
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