भारत से हो रहा भेदभाव, कोई समझौता नहीं
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमरीकी टैरिफ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जमकर सुनाया है। रूसी तेल खरीदने के लिए भारत पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को जयशंकर ने पूरी तरह से गलत बताया है। जयशंकर ने कहा कि भारत की प्राथमिकता अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा है। जयशंकर ने इस बात पर जोर दिया कि भारत अपने हितों को लेकर कोई समझौता नहीं करते वाला है। जयशंकर ने कहा कि कुछ सीमाए हैं, जिनका पालन करना होगा। हमारे लिए मुख्य तौर पर हमारे किसान और छोटे उत्पादक अहम हैं। इस मामले में हम पीछे नहीं हट सकते। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमारे सफल या अफसल होने की बात कह सकते हैं, लेकिन बतौर सरकार हम अपने किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए अडिग हैं। हम इसको लेकर दृढ़ हैं। जयशंकर ने कहा कि यह कुछ ऐसा है, जिस पर हम समझौता नहीं कर सकते।
जयशंकर ने राष्ट्रपति ट्रंप के सीजफायर वाले दावों को एक बार फिर से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 50 सालों से भारत की नीति रही है कि हम पाकिस्तान के साथ रिश्तों में किसी भी तरह की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि जहां तक भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का मुद्दा है, तो 1970 के दशक से लेकर अभी तक 50 साल हो चुके हैं। भारत का सीधा कहना है कि हम पाकिस्तान के साथ मुद्दों पर मध्यस्थता स्वीकार नहीं करते हैं। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और अमरीका के बीच व्यापार वार्ताएं अब भी जारी हैं और यह स्थिति बच्चों के बीच दोस्ती टूटने वाली ‘कट्टी’ जैसी नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इन वार्ताओं में कुछ रेड लाइंस तय कर रखी हैं, खासकर किसानों और छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा को लेकर।
BJP जॉइन करने की खबरों पर भड़के संजय सिंह, बोले—जनता नहीं करेगी माफ
बार-बार भूख लगना भी फाइबर की कमी का इशारा
भंडारा में दर्दनाक एक्सीडेंट—शादी से लौट रहे लोगों की कार ट्रक से टकराई, 5 की मौत
रविचंद्रन अश्विन ने बताया—मैच टर्निंग पॉइंट क्या रहा
मिचेल स्टार्क की उपलब्धता पर सस्पेंस, प्लेइंग 11 में हो सकते हैं शामिल
AAP में सियासी भूचाल—राघव चड्ढा बोले- दो तिहाई सांसद बदलेंगे पाला, BJP में होंगे शामिल
भोपाल-इटारसी-जबलपुर समेत कई शहरों को तोहफा, पीएम मोदी देंगे 2 अमृत भारत ट्रेन
हाई-प्रोफाइल स्टार्स नहीं निभा पाए उम्मीदों का दबाव
तपती गर्मी से राहत: स्कूलों में पहले ही कर दी गई समर वेकेशन की घोषणा