अहमदाबाद जैसी त्रासदी 47 साल पहले भी हुई थी – जब आसमान से गिरा भरोसा
नई दिल्ली। अहमदाबाद में एअर इंडिया का प्लेन AI-171, जो बोइंग 787-8 का एक ड्रीमलाइनर विमान था वह गुरुवार को बड़े हादसे का शिकार हो गया। इस घटना में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोगों की मौत हो गई।
यह विमान हादसा भारत के सबसे बड़े विमान हादसों में से एक है। इससे पहले साल 1978 में भी एक बड़ा विमान हादसा हुआ था, जिसमें 213 लोगों की मौत हो गई थी। 47 साल पहले भी एअर इंडिया का ही एक विमान अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
साल 1978 की घटना
1978 में नए साल के पहले दिन एअर इंडिया का विमान AI-855, जिसका नाम 'एंपरर अशोका था', उसने मुंबई के सांता क्रूज इंटरनेशनल एअरपोर्ट (अब छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) से दुबई के लिए उड़ान भरा था।
इस विमान में 190 यात्री और 23 क्रू मेंबर्स थे। विमान ने रात के वक्त रनवे संख्या 27 से टेकऑफ किया था और 18 हजार फीट की ऊंचाई पर जाकर अरब सागर की तरफ विमान हल्का सा मुड़ा था, लेकिन इस विमान का एल्टीट्यूड डायरेक्टर इंडिकेटर (ADI) खराब था।
एडीआई खराब होने की वजह से विमान के समतल होने पर भी विंग सीधे झुके होने का इशारा कर रहा था। इस विमान को 51 वर्षीय पायलट मदन लाल कुकर और इंदु विरमानी उड़ा रहे थे। एक के पास 18 हजार घंटे तो दूसरे के पास 4500 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था।
फ्लाइट इंजीनियर अल्फ्रेडो फारिया ने ADI की खराबी का पता चलते ही पायलट को चेताया था, लेकिन पायलटों ने चेतावनी को अनसुना कर दिया या फिर उन्हें चेतावनी देर से मिली और विमान 108 डिग्री के कोण पर गिरता रहा और फिर पानी में जा गिरा।
इस हादसे में विमान में सवार सभी 213 लोगों की मौत हो गई थी। माना जाता है कि पायलट विमान की दिशा का पता नहीं लगा पाए और यह बड़ी दुर्घटना घट गई थी।
अहमदाबाद विमान हादसा
12 जून, 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में कुल 265 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है। एअर इंडिया का विमान AI-171 सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरा था और 30 सेकेंड के भीतर ही रिहायशी इलाके में क्रैश हो गया।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल