अलीगढ़: भतीजे ने बुआ को मारी गोली, एडीए कॉलोनी में मचा हड़कंप
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां देहली गेट इलाके के एडीए कॉलोनी शाह जमाल में मंगलवार की दोपहर लोगों के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भतीजे जुबेर ने अपने घर में रह रही अपनी 50 वर्षीय छोटी बुआ माजदा को नीचे बुलाकर तमंचे से गोली मार दी. घर के अंदर गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तो माजदा लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ी तड़प रही थी.
इस खौफनाक मंजर को देख परिवार में चीख पुकार मच गई. भतीजे द्वारा छोटी बुआ को गोली मारे जाने की सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. गोली लगने से घायल महिला को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. यहां गंभीर हालत में उसका उपचार जारी है.
भतीजे ने पुलिस के सामने किया सरेंडर
अपनी बुआ को गोली मारने के बाद थाने पहुंचे भतीजे ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. साथ ही अपना जुर्म कबूल भी कर लिया. इसके चलते पुलिस आरोपी को अपनी कस्टडी में लेकर पूछताछ करते हुए मामले की जांच में जुटी है. महिला की बहन ने बताया कि भतीजे ने मेरी बहन को पहले नीचे बुलाया फिर अचानक से एक आवाज आई. मैं नीचे जाकर देखी कि मेरी बहन को गोली मार दी है. मैं मलखान सिंह हॉस्पिटल में उसको लेकर आई हूं. यहां से जेएन मेडिकल कॉलेज को रेफर कर दिया गया है.
क्या बोले पुलिस अधिकारी?
ASP मयंक पाठक ने बताया कि मंगलवार की दोपहर करीब 1:00 बजे शाहजमाल स्थित डबल टंकी के पास एक महिला माजदा को गोली लगने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई. सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा महिला को गोली मारने वाले आरोपी युवक जुनैद को हिरासत में लिया गया.
मध्य प्रदेश: राज्य महिला आयोग में 6 साल का इंतजार खत्म, रेखा यादव बनीं नई अध्यक्ष
यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां
बरगी क्रूज त्रासदी: "हमें भीख नहीं इंसाफ चाहिए", अपनों को खोने वालों का फूटा गुस्सा; अब तक 13 शव बरामद
बरगी बांध हादसा: विमान में खराबी से 4 घंटे एयरपोर्ट पर रुका शव
नए SP अनुराग सुजानिया: किन जिलों में कर चुके हैं सेवा, अब सागर में जिम्मेदारी
नतीजों से पहले सियासी संग्राम, BJP बोली—ममता की हार तय