DRDO का कमाल, भारत में स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म की पहली उड़ान सफल
श्योपुर: मध्य प्रदेश के श्योपुर में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म प्रोटोटाइप की पहली उड़ान का परीक्षण किया जो सफल रहा. शनिवार की शाम डीआरडीओ के श्योपुर स्थित परीक्षण स्थल पर भारत की पहली स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप प्लेटफॉर्म की टेस्टिंग की गई.
एक घंटे से ज्यादा भरी उड़ान
उत्तरप्रदेश के आगरा स्थित एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट संस्थान ने इस एयरशिप को तैयार किया है. इसके बाद श्योपुर में इसे परीक्षण स्थल से 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक उपकरणीय पेलोड के साथ लांच किया. डीआरडीओ के मुताबिक इस एयरशिप ने 1 घंटा 02 मिनट तक उड़ान भरी. इसके बाद टेस्टिंग टीम ने इस उपकरणीय पेलोड सिस्टम को सफलता के साथ रिकवर भी कर लिया. इसके साथ ही भारत इस तकनीक में सफलता हासिल करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल हो गया.
क्या है स्ट्रेटोस्फेयर?
स्ट्रेटोस्फेयर हमारे वायुमंडल की विभिन्न परतों में से एक है. पृथ्वी के वायुमंडल में मौजूद आकाश के ऊपर ट्रॉपोस्फियर और ओजोन लेयर के बाद तीसरी लेयर स्ट्रेटोस्फेयर के नाम से जानी जाती है. जो क्षोभ सीमा के ऊपर 16 किलोमीटर से 40 किलोमीटर की ऊंचाई तक होती है. जो सूर्य से पृथ्वी पर आने वाली हानिकारक पर्पलरेज को अवशोषित करती हैं.
डीआरडीओ ने दी खुशखबरी
इस सफल उड़ान के बाद डीआरडीओ ने यह उपलब्धि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर साझा की. जिसमें बताया गया कि "डीआरडीओ ने लगभग 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर इंस्ट्रूमेंटल पेलोड के साथ स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप की पहली उड़ान परीक्षण सफलतापूर्वक किया. हवा से हल्की यह प्रणाली भारत की पृथ्वी अवलोकन और खुफिया, निगरानी और टोही क्षमताओं को बढ़ाएगी. जिससे देश दुनिया के उन कुछ देशों में से एक बन जाएगा जिनके पास ऐसी स्वदेशी क्षमताएं हैं."
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दी बधाई
डीआरडीओ के सफल परीक्षण के पूर्ण होने पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बधाई दी है. उनका कहना है कि "यह सिस्टम आने वाले समय में भारत से पृथ्वी के ऑब्जरवेशन और इंटेलिजेंस को बढ़ाएगा. साथ ही निगरानी और टोही क्षमताओं को भी बढ़ाने में मददगार होगा."
डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ समीर वी कामत ने भी इस सिस्टम को डिजाइन, डेवलप और टेस्टिंग करने वाली डीआरडीओ टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी है.
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