कृषि महाविद्यालय रीवा में 12 करोड़ से अधिक लागत के किये जायेंगे विकास कार्य : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कृषि महाविद्यालय परिसर रीवा में कन्या छात्रावास भवन तथा अन्न प्रसंस्करण एवं भण्डारण भवन का लोकार्पण किया। इनका निर्माण एक करोड़ 5 लाख रूपये की लागत से कराया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा कृषि महाविद्यालय 1952 से स्थापित है। इसके भवन निर्माण तथा अधोसंरचना विकास के अन्य कार्यों की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए बनायी गयी 12 करोड़ 37 लाख रूपये की कार्ययोजना विश्वविद्यालय से मंजूरी मिलने के बाद शीघ्र लागू होंगी। महाविद्यालय में नये संकायों के खोलने, प्राध्यापकों की नियुक्ति तथा शोध के लिए सुविधाएँ उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि कृषि महाविद्यालय को कुछ महीने पहले सुन्दर सड़क का उपहार दिया गया है इसमें शीघ्र ही स्ट्रीट लाइट लगायी जायेंगी। इस सड़क के दोनों ओर महाविद्यालय वृक्षारोपण करा के हराभरा बनायें।
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलगुरू डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि अन्न प्रसंस्करण केन्द्र शुरू होने से विन्ध्य के किसानों को बहुत लाभ होगा। पूरी दुनिया में अन्न की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कृषि महाविद्यालय के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है। आगे भी महाविद्यालय अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति करेगा। सांसद जनार्दन मिश्र, महाविद्यालय के डीन डॉ. संत कुमार त्रिपाठी सहित कृषि महाविद्यालय के प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल
जब मुख्यमंत्री उतरे मैदान में: सुशासन तिहार में बच्चों संग खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला
किसानों को उनका वैभव लौटाने का लिया गया है संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महू में विद्यार्थियों को प्लेसमेंट प्रमाण-पत्र किए वितरित