MahaKumbh मेले में ट्रैफिक नियमों में बदलाव, बाहर से आने वाले वाहनों के लिए क्या होगी व्यवस्था?
वीकेंड: मेले में शनिवार से दो दिनों के लिए नो व्हीकल जोन व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत संपूर्ण मेला क्षेत्र में प्रशासकीय और चिकित्सीय वाहनों को छोड़कर अन्य किसी भी तरह के वाहन पर रोक रहेगी। यह प्रतिबंध पासधारक वाहनों पर भी लागू होगा। मेले की ओर आने वाले सभी वाहनों को निकटतम पार्किंग में पार्क कराया जाएगा। शनिवार से शुरू होकर यह व्यवस्था रविवार तक लागू रहेगी। यह जानकारी डीआईजी मेला वैभव कृष्ण ने दी। बता दें कि पिछले वीकेंड पर अधिक भीड़ होने से जिले की सीमाओं से लेकर शहर और पूरे मेला क्षेत्र में भीषण जाम लग गया था।
जाम से फिर हांफा शहर
महाकुंभ में शुक्रवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ने पर एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई। सुबह से ही संगम क्षेत्र में चौतरफा जाम लग गया। नैनी, झूंसी, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, बागड़ चौराहा, दारागंज समेत विभिन्न चौराहों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। शहर की सीमाओं पर भी कई किलोमीटर तक गाड़ियां रेंगती रहीं। हालात यह रहे कि महज 10 मिनट की दूरी तय करने में श्रद्धालुओं को पांच घंटे लग गए।
महाकुंभ मेले में कुल छह में से पांच स्नान हो गए हैं। अनुमान था कि माघी पूर्णिमा के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में काफी कमी आएगी। बृहस्पतिवार को ऐसा रहा भी, जिससे न सिर्फ शहरी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी जाम से राहत मिली, लेकिन अगले दिन शुक्रवार तड़के से ही एक बार फिर श्रद्धालु उमड़ पड़े। नतीजन सुबह आठ बजे से ही मेला क्षेत्र से लेकर शहर तक जाम हो गया।
सुशासन तिहार में सुलझी किसान की समस्या
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना
स्वच्छता, स्वास्थ्य और जनसुविधा से जुड़ी समस्याओं में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही
राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण और जनकल्याण पर दिया जोर
गोद में उठाया, चश्मा पहनाया : भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप
एमपी ट्रांसको ने जुलवानिया सब स्टेशन में ऊजीकृत किया 40 एमवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
नये मध्यप्रदेश का मार्वलस माइलस्टोन साबित होगा इन्दौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
स्वरोजगार की राह पर बढ़ते कदम: मुख्यमंत्री ने RSETI में देखा ग्रामीण सशक्तिकरण का मॉडल