क्या होता है डीप टेक, जिस पर मोदी सरकार ने दिया भारी भरकम बजट
नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। बजट भाषण में वित्त मंत्री ने डीप टेक के लिए फंड ऑफ फंड्स का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार डीप टेक बढ़ावा देने के लिए फंड ऑफ फंड्स सेटअप तैयार करेगी। केंद्र अगले 5 साल में आईआईटी और आईआईएससी में टेक्नोलॉजी पर रिसर्च के लिए 10 हजार फेलोशिप देगी। सीतारमण ने बजट भाषण में कहा है कि मोदी सरकार 20 हजार करोड़ रुपये निजी सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इनोवेशन के लिए देगी। इसके साथ ही उन्होंने डीप टेक के लिए फंड ऑफ फंड्स का भी ऐलान किया है।
क्या है डीप टेक?
डीप टेक (डीप टेक्नोलॉजी) टर्म का इस्तेमाल कटिंग-एज साइंटिफिक और इंजीनियरिंग एडवांसमेंट पर बेस्ड इनोवेशन में होता है। डीप टेक में सिर्फ सॉफ्टवेयर आधारित या कंज्यूमर फोकस्ड टेक्नोलॉजी की बात नहीं होती है। इन टेक्नोलॉजी को तैयार होने में सालों का समय लगता है। इसमें कई साल तक रिसर्च और डेवलमेंट करना होता है।
मोदी सरकार ने डीप टेक और तकनीकी सेक्टर को बूस्ट करने के लिए ये ऐलान किए हैं। डीप डेट में एआई, बायोटेक्नोलॉजी, नैनोटेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और तमाम दूसरे टॉपिक आते हैं। इन सभी विषयों पर काम करने के लिए सालों तक रिसर्च करनी होती है, जिसमें काफी ज्यादा पैसे लगते हैं। इसकारण इस सेक्टर में बहुत कम निजी निवेश देखने को मिलता है।
इसके तहत 5 साल में 10 हजार फेलोशिप्स दिए जाएंगे। ये बेसिकली आईआईटी और आईआईएससी के लिए होगा। इसके अलावा फंडामेंटल जियोस्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा डेवेलपमेंट के लिए नैशनल जियोस्पेशल मिशन की शुरुआत की गई है। इसके तहत लैंड रिकॉर्ड्स, अर्बन प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन पर काम होगा। इस स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। दरअसल इस स्कीम में एआई को एजुकेशन में इंटीग्रेट करना शामिल है। मौजूदा एआई सेंटर्स को विस्तार दिया जाएगा। एआई को एग्रिकल्चर, हेल्थ और सस्टेनेबल सिटीज के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
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